World Scarf Day Celebration GSSS PRESSI
प्रेसी में मनाया "वर्ल्ड स्कार्फ़ डे"
जिला मंडी व करसोग उपमंडल के अंतर्गत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रेसी में स्काउट मास्टर अंकुश ठाकुर की अगुवाई में भारत स्काउटस एवं गाईडस ग्रुप ने स्काउटटिंग से संबंधित वर्ल्ड स्कार्फ़ डे मनाया।प्रधानाचार्य इन्द्र सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, अंकुश ठाकुर ने उन्हें स्कार्फ़ पहनाकर सम्मानित किया वहीं रोवर स्काउट लीडर मोहन लाल को भी स्कार्फ़ पहनाया गया। इस अवसर पर इस दिवस के संबंध में जानकारी प्रदान की। स्काउटस एवं गाईडस ग्रूप से संबंधित चमन लाल,कल्पना गुप्ता, नीतेश कुमार व नागेश कुमार ने पेंटिंग के माध्यम से इस दिवस के संबंध में जागरूक किया, वहीं स्काउटटिंग के संबंध में चर्चा की गई। इस अवसर पर अंकुश ठाकुर ने बताया स्काउटटिंग से संबंधित तीन कर्तव्य, "ईश्वर के प्रति, दूसरों के प्रति,व स्वयं के प्रति" के प्रति जानकारी दी वहीं इससे संबंधित स्कार्फ़ के तीनों कोने भी इन्हीं तीन कर्तव्यों की याद दिलाते हैं और इसके एक हिस्सा ईश्वर के प्रति कर्तव्यों का आभास कराता है तथा तथा इसके एक बड़े हिस्से का छिपा रहना तथा केवल कुछ हिस्सा ही सामने रहना ईश्वर की सत्ता का एहसास कराता है जो दिखता नहीं लेकिन वही हमें आपस में जोड़े रखता है स्काउटटिंग बेहतर कार्य कर रही है और बेहतर विश्व बनाने में यह संस्था उल्लेखनीय भूमिका अदा कर रही है । प्रधानाचार्य इन्द्र सिंह ने बताया कि स्काउटस एवं गाईडस एक बेहतर समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। जिला मुख्य आयुक्त व शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा अशोक शर्मा व जिला संगठन आयुक्त देवकीनंदन ने बताया कि यह विश्व का सबसे बड़ा शैक्षणिक आंदोलन है जो विभिन्न प्रकार के बेहतरीन कार्य करने के लिए अपनी पहचान बनाए हुए हैं और विश्व स्कार्फ़ डे के दिन समस्त विश्व के स्काउटस एवं गाईडस इस दिन स्कार्फ़ पहनते हैं। अंकुश ठाकुर ने कहा कि स्काउटस एवं गाईडस जहां एक ओर विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता की भावना विकसित कर रही वहीं विश्व भर में भी विश्वबंधुता का पाठ पढ़ा रही है। इस अवसर पर मोहन लाल ने स्काउटटिंग के संस्थापक लॉर्ड बेडन पॉवेल व उनके योगदान को याद किया।इस अवसर पर दूसरों के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए कीचड़ से लथपथ उस पर पत्थर इत्यादि डालकर रास्ते की मुरम्मत करने में भी इकाई के सदस्यों अंकुश ठाकुर, चमन लाल,सेत राम,झाबी राम, प्रतीक कुमार व अजय कुमार ने योगदान दिया।