"Yoga- way of life" BS&G,DHQ-Jodhpur,Rajasthan,India
I always do YOGA for 1 hour every day.
i started doing yoga form 2005.
शरीर, मन और आत्मा को नियंत्रित करने में योग मदद करता है। शरीर और मन को शांत करने के लिए यह शारीरिक और मानसिक अनुशासन का एक संतुलन बनाता है। यह तनाव और चिंता का प्रबंधन करने में भी सहायता करता है और आपको आराम से रहने में मदद करता है। योग आसन शक्ति, शरीर में लचीलेपन और आत्मविश्वास विकसित करने के लिए जाना जाता है।योग का सच्चा सार हमारी जीवन शक्ति को ऊपर उठाने के आसपास घूमता हैं या फिर रीढ़ की हड्डी के पास स्थित ‘कुंडलिनी’ को जागृत करने में। इसे शारीरिक और मानसिक अभ्यासों की श्रृंखला के माध्यम से प्राप्त करना होता हैं। शारीरिक स्तर पर इस पद्धति में विभिन्न योग मुद्राएं या ‘आसन’ शामिल हैं, जिनका प्रमुख उद्देश्य शरीर को स्वस्थ रखना हैं। मानसिक तकनीक में मन को अनुशासित करने के लिए श्वसन व्यायाम या ‘प्राणायाम’ और मैडिटेशन या ‘ध्यान’ शामिल हैं।
“योग लेता हैं। योग देता हैं।” -
योग का अंतिम लक्ष्य व्यक्ति को स्वयं से ऊंचे उठा कर ज्ञानोदय की उच्चतम अवस्था प्राप्त करने में मदद करना हैं। जैसा कि भगवद् गीता में कहा गया है कि, “व्यक्ति स्वयं से संयोग कर के, मन को पूरी तरह से अनुशासित कर सभी इच्छाओं से स्वतंत्र हो कर, जब केवल स्वयं में लीन हो जाता हैं, तभी उसे योगी माना जाता हैं।”
योग का महत्व
योग कोई धर्म नहीं है, यह जीने की एक कला हैं जिसका लक्ष्य हैं- स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन ।
मनुष्य का अस्तित्व शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक हैं, योग इन तीनों के संतुलित विकास में मदद करता हैं। शारीरिक व्यायाम के अन्य रूप, जैसे एरोबिक्स, केवल शारीरिक तंदरूस्ती को ही सुनिश्चित करते हैं। उनमें आध्यात्मिक या सूक्ष्म शरीर के विकास के लिये कुछ नहीं हैं।