SANKALP (COVID 19)
मनुष्य अपने विकास के दौर में इतना अंधा हो चुका है कि वह यह भूल चुका है कि उसे प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल करने का हक तो है मगर उन संसाधनों को बर्बाद या नष्ट करने का अधिकार उसे किसी ने नहीं दिया। आज हम जो कर रहे हैं उसे आने वाली पीढ़ी को जरूर भुगतना पड़ेगा। हमारे पूर्वजों ने हमारे लिए एक अच्छी दुनिया छोड़ी थी लेकिन पिछले कुछ दशकों में हमने प्रकृति का इतना शोषण किया है कि शायद ही प्रकृति हमें इसके लिए माफ कर सके। अगर हम चाहते हैं की प्रकृति का संतुलन ना बिगड़े तो हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए ओर कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए घर में फलों व सब्जियों का उत्पादन करें ।