Bharat ki Shiksha Pranali
India

Bharat ki Shiksha Pranali

वेबीनार के माध्यम से डिजिटल शिक्षा की प्रासंगिकता और महत्व पर हुई चर्चा। हाजीपुर भारत की शिक्षा प्रणाली विषय पर आज भारत स्काउट एवं गाइड वैशाली द्वारा ऑनलाइन वेबीनार का आयोजन किया गया।हाल ही में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं स्थगित कर दि गई है। इसी संदर्भ में भारत की शिक्षा प्रणाली विशेषकर प्रारंभिक शिक्षा की स्थिति,गुणवत्ता और डिजिटल शिक्षा की प्रासंगिकता एवं महत्व को लेकर एक वेबीनार का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ जिला संगठन आयुक्त श्री ऋतुराज ने किया एवं कहा कि भारत में प्राचीन शिक्षा प्रणाली भी बेहतर शिक्षा प्रणाली थी।प्राचीन काल में भारत में गुरुकुल शिक्षा पद्धति थी यदि विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करना चाहता है तो वह गुरु के आश्रम में आकर शिक्षा ग्रहण करता था।वहीं रहकर अपना सारा काम करता था छात्रों को सबसे बड़ा फायदा यह होता था कि वह अहंकार के बिना शिक्षा ग्रहण करता था एवं संस्कार युक्त शिक्षा ग्रहण कर समाज एवं अपने देश की सेवा करता था।इस कार्यक्रम का संचालन जिला युवा समन्वयक सुश्री अंजली वर्मा ने की,साथ ही उन्होंने कहां की शिक्षा का संवैधानिक प्रावधान है, भारत में प्रारंभिक शिक्षा की स्थिति वर्ष 2020 में असर रिपोर्ट जारी की गई है जो भारत में प्रारंभिक शिक्षा की स्थिति एवं गुणवत्ता को आधिकारिक रूप से स्पष्ट करती है। रिपोर्ट में कहा गया कि 4 से 8 वर्ष की आयु के लगभग 9% बच्चे किसी भी शैक्षणिक संस्थान में नहीं जाते हैं ।इसी वर्ष यूनिसेफ द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में कोरोना महामारी के दौरान लगभग 15 हजार स्कूल बंद रहे, जिसका प्रभाव लगभग 25 करोड़ विद्यार्थियों पर पड़ा।हालांकि इस दौरान सरकार द्वारा जूम कॉल ,दूरदर्शन तथा अन्य डिजिटल माध्यम से बच्चों को शिक्षा प्रदान करने का प्रयास किया गया।किंतु यूनिसेफ की रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में लगभग 75% बच्चों के पास डिजिटल डिवाइस इंटरनेट कनेक्शन तथा अभिभावकों के पास डिजिटल शिक्षा से संबंधित जानकारी का अभाव है।जिला सलाहकार प्रमोद कुमार सहनी ने भारत की शिक्षा प्रणाली विषय पर कहा शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए स्कूलों एवं सभी शैक्षणिक संस्थानों को आवश्यक संसाधनों से परिपूर्ण करना होगा।बच्चों के शिक्षण अधिगम की प्राप्ति एवं विषय की अवधारणा को स्पष्ट करने के लिए शिक्षा को व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने पर बल देते हुए कहा की भारत की शिक्षा प्रणाली को अपडेट करते रहने की आवश्यकता है।प्रत्येक वर्ष पाठ्यक्रम को अद्यतन करते रहने से दुनिया के विकसित देशों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने में सक्षम होंगे।शिक्षकों को मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की बात कही। देश में एक समान शिक्षा प्रणाली लागू करने की बात कही। अंत में जिला संगठन आयुक्त ऋतुराज ने कहा कि भारत में प्रारंभिक शिक्षा संदर्भ में चुनौतियां बहुत है, उन्होंने कहा कि देश में शिक्षकों की कमी पिछले साल केंद्रीय संसाधन एवं विकास मंत्री द्वारा दिए गए एक रिपोर्ट में देशभर में करीब 10 लाख शिक्षकों की कमी की बात कही गई है, साथ ही शिक्षकों से अतिरिक्त काम कराया जाता है,साथ ही शिक्षकों में भी प्रशिक्षण की कमी जहां एक ओर भारत में शिक्षकों की कमी है। वही नियुक्त शिक्षकों के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं है।
Number of participants
72
Service hours
216
Location
India
Topics
Legacy BWF

Share via

Share