Helped him repair a small baby car

Helped him repair a small baby car

h “ये लॉक्डाउन हमें समझ आ गया है,लेकिन इन छोटे बच्चों को नहीं ,कोशिश करें आपके आस पास के बच्चों को ये लॉक्डाउन त्योहार जैसा लगे” आज दोपहर आँगन में बैठा था सामने देखा कि बुआ जी की बेटी रो रही थी पास जाकर उस से रोने का कारण पूछा तो उसने कहा मम्मी पापा गाड़ी ठीक कराने को नहीं ले रहे,बुआ जी उसको समझानें कि कोशिश कर रहे थे कि आज कल ठीक नहीं हो पाएगी पर इस नन्ही बच्ची को ये लॉक्डाउन कहाँ समझ आए । फिर मैनें और मेरे छोटे भाई नें मिलकर गाड़ी को ठीक करने की ठानी,गाड़ी के टायर पूरी तरह नष्ट हो गये थे,फिर हमने लकड़ी के टायर बना कर गाड़ी में फ़िट कर दिए । अब गाड़ी बड़ी दूरस्त है लॉक्डाउन के बाद रोड में भी चलेगी l
Number of participants
1
Service hours
5
Location
India
Topics
Personal safety
Youth Engagement

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