Project Sankalp group  (B) environment& sustainability challenge-3 "Go Green" BS&G DHQ Jodhpur Rajasthan india

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प्लास्टिक बैगों को इसलिये अधिक पसंद किया जाता है क्योंकि यह काफी किफायती होने के साथ ही काफी हल्के और इस्तेमाल करने में भी आसान होते है। भले ही यह इतने व्यापक रुप से लोकप्रिय है, परन्तु हमें पर्यावरण और स्वास्थ्य पर इनके हानिकारक प्रभावो को नही भूलना चाहिए। प्लास्टिक बैग पर्यावरण के लिये एक गंभीर संकट प्लास्टिक बैगों के अंदर सिंथेटिक पालीमर नामक एक पदार्थ होता है, जोकि पर्यावरण के लिए काफी हानिकारक होता है और क्योंकि यह नान-बायोडिग्रेडबल होता है, इसी वजह से इसका निस्तारण भी काफी कठिन है। प्लास्टिक बैग वजन में काफी हल्के होते है इसलिये ये हवा द्वारा आसानी से एक जगह से दूसरी जगह उड़ा कर इधर-उधर बिखेर दिये जाते है। यह केवल शहरो और कस्बो में ही प्रदूषण नही फैलाते बल्कि की जलीय स्रोतों और महासागरो में पहुंचकर में पहुचकर समुद्री जीवों के लिये भी गंभीर समस्या उत्पन्न कर देते है। प्लास्टिक बैग स्वास्थय के लिये खतरा प्लास्टिक बैग के कारण मानव स्वास्थ्य के लिये भी कई तरह के संकट उत्पन्न हो जाते है, इसके साथ ही यह पशुओ के लिये भी काफी हानिकारक है। खराब खाना और सब्जिया तथा फलो के छिलके आदि प्लास्टिक बैगों के साथ ही फेक दिये जाते है, जिससे पशु-पक्षियो द्वारा इन्हे अपने खाने के साथ निगल लिया जाता है। जिससे उनके अंदर कई तरह की बीमारियां और स्वास्थ्य संबधी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है, इसके साथ ही काफी ज्यादे मात्रा में प्लास्टिक निगल लेने के वजह से यह उनके गले में फस जाता है, जिससे इन निरीह पशुओ की मृत्यु तक हो जाती है। इसी तरह समुद्री जीवों द्वारा भी प्लास्टिक बैग या उसके टुकड़ो को भ्रमवश अपना भोजन समझकर खा लिया जाता है, जिससे प्लास्टिक का जहरीला तत्व उनके भीतर कई स्वास्थ्य संबधी समस्याएं उत्पन्न कर देता है। इसके अलावा जो व्यक्ति इन मछलियो, केकड़ो और अन्य समुद्री जीवों को खाते है उसके भी संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। इसी तरह से प्लास्टिक के द्वारा होने वाले प्रदूषण से अन्य कई समस्याएं भी उत्पन्न होती है। इस प्रकार से हम कह सकते है कि प्लास्टिक बैग हमारे पर्यावरण के साथ-साथ हमारे स्वास्थ्य लिए गंभीर भी एक गंभीर संकट बन चुका है और अब यह वह समय है जब हमें इसके उपयोग को रोकना होगा। इसके लिये हमें अपनी क्षणिक सुविधाओ को छोड़कर इसके व्यापक रुप से होने वाले नुकसान को देखना होगा। इसके अलावा कुछ आसान उपायो जैसे कि बाजार से सामान खरीदने के लिये हम प्लास्टिक बैग के जगह कपड़े के बैग का इस्तेमाल कर सकते है, जिससे हम आने वाले समय में वातावरण के स्वच्छता में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकते है। राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड जोधपुर की सुरभि ओपन टीम की रेंजर लीडर होने के नाते मेरे सभी स्काउट एवं गाइड परिवार को कपडे के बने बेग अपनाने की सलाह देती हूँ जब आप सब इस पहल को आगे लेकर जायेंगे तभी तो एक अभियान चलेगा आज से ही आप सभीप्लास्टिक मुक्त भारत बनाने की संकल्प लें ताकि प्रकृति को और नुकसान अब न पहुच पाए
Started Ended
Number of participants
1
Service hours
200
Location
India
Topics
Legacy BWF

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