Project - Sankalp Group (D) - "Aarogya Setu" BS&G D.H.Q. Pali, Rajasthan, India
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Project - Sankalp Group (D) - "Aarogya Setu" BS&G D.H.Q. Pali, Rajasthan, India

आरोग्य सेतु एप के लॉन्च होने के कुछ ही समय में दो करोड़ से अधिक लोगों ने इसे डाउनलोड किया है. सरकार का यह एप लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे और जोखिम का आकलन करने में मदद करता है. एंड्रॉयड और आईफोन दोनों तरह के स्‍मार्टफोन पर इसे डाउनलोड किया जा सकता है. यह खास एप आसपास मौजूद कोरोना पॉजिटिव लोगों के बारे में पता लगाने में मदद करेगा. आपके मोबाइल के ब्लूटूथ, स्थान और मोबाइल नंबर का उपयोग करके ऐसा किया जाता है. आइए, देखते हैं कि आरोग्‍य सेतु एप का इस्‍तेमाल कैसे करना है... अपने फोन पर आरोग्‍य सेतु एप को डाउनलोड करें आरोग्य सेतु एप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों पर उपलब्ध है. इसे एप स्टोर के जरिये डाउनलोड किया जा सकता है. सुनिश्चित करें कि आरोग्‍य (Aarogya) और सेतु (Setu) के बीच कोई स्थान नहीं हो या फिर एप खोजने के लिए सर्च बार में 'AarogyaSetu' टाइप करें. हमने नीचे लिंक भी दिए हैं: एंड्रॉयड : https://play.google.com/store/apps/details?id=nic.goi.aarogyasetu आईओएस : https://apps.apple.com/in/app/aarogyasetu/id1505825357 एप को खोलें और अपनी पसंद की भाषा चुनें अंग्रेजी और हिंदी समेत आरोग्‍य सेतु एप 11 भारतीय भाषाओं में उपलब्‍ध है. इंस्‍टॉल करने के बाद एप को खोलें और अपनी पसंदीदा भाषा को चुनें नया पेज खुलेगा इनफॉर्मेशन पेज को ध्‍यान से पढ़ें और 'रजिस्‍टर नाउ' बटन पर टैप करें ब्‍लूटूथ की पड़ेगी जरूरत आरोग्‍य सेतु एप को ब्‍लूटूथ और जीपीएस डेटा की जरूरत पड़ेगी. एप को काम करने के लिए इसकी अनुमति दें. आरोग्य सेतु कॉन्‍टैक्‍ट ट्रेसिंग के लिए आपके मोबाइल नंबर, ब्लूटूथ और लोकेशन डेटा का उपयोग करता है और बताता है कि आप कोरोना के जोखिम के दायरे में है या नहीं. इसे भी पढ़ें: कोरोना की जांच अब ब्लड सैंपल से, आधे घंटे में पता चलेगा रिजल्ट अपने फोन को रजिस्‍टर करें एप तभी काम करता है जब आप अपने मोबाइल नंबर को रजिस्‍टर करते हैं और ओटीपी से उसे वेरिफाई करते हैं. एक वैकल्पिक फॉर्म भी आता है जो नाम, उम्र, पेशा और पिछले 30 दिनों के दौरान विदेश यात्रा के बारे में पूछता है. इसे भी पढ़ें: भारत में लॉकडाउन बढ़ाने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की क्या है राय? आप इस फॉर्म को स्किप कर सकते हैं. हालांकि, अगर आप जरूरत के समय में वॉलेंटियर यानी स्वयंसेवक बनने की इच्छा रखते हैं तो आपके पास खुद को इसमें नामांकित करने का विकल्प है. ऐसे दिखाता है खतरा एप हरे और पीले रंग के कोडों में आपके जोखिम के स्‍तर को दिखाता है. यह भी सुझाव देता है कि आपको क्‍या करना चाहिए. अगर आपको ग्रीन में दिखाया जाता है और बताया जाता है कि 'आप सुरक्षित हैं' तो कोई खतरा नहीं है. कोरोना से बचने के लिए आपको सोशल डिस्‍टेंसिंग को बनाए रखना चाहिए और घर पर रहना चाहिए. इसे भी पढ़ें: कोरोना से लड़ाई में इन अभिनेताओं की दिया जलाती तस्वीर देखी है आपने? पीला रंग खतरे की घंंटी अगर आपको पीले रंग में दिखाया जाता है और टेक्‍स्‍ट बताता है कि 'आपको बहुत जोखिम है' तो आपको हेल्‍पलाइन में संपर्क करना चाहिए. अपना आंकलन भी दे सकते हैं आरोग्‍य सेतु एप पर आप 'सेल्‍फ एसेसमेंट टेस्‍ट' फीचर का इस्‍तेमाल कर सकते हैं. इस फीचर का इस्‍तेमाल करने के लिए ऑप्‍शन पर क्लिक करें और फिर एप चैट विंडो खोल देगा. इसमें यूजर की सेहत और लक्षण से जुड़े कुछ सवाल किए जाएंगे. इसे भी पढ़ें: कोरोना वायरस से निबटने में भारत के लिए यह हफ्ता क्यों है सबसे अहम? हेल्‍पलाइन नंबर का भी पता लगा सकते हैं इसके लिए आपको कोविड-19 हेल्‍थ सेंटर्स बटन पर क्लिक करना होगा और अपने शहर की लोकेशन तक पहुंचने के लिए स्‍क्रॉलडाउन करना होगा.
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1
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Location
India
Topics
Youth Engagement

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