परहित सरिस धरम नहिं भाई

परहित सरिस धरम नहिं भाई

बाजार से लोटते समय देखा कि सड़क के किनारे एक गोवंश बड़ी दयनीय स्थिति में बैठा है उसके पैर में एक बड़ा घाव था जिस पर मक्खियाँ भिनभिना रहीं थीं | उस समय अपने आपको बड़ा असहाय महसूस किया कि मैं चाहकर भी उसकी मदद नहीं कर सकता और अपने रास्ते पर आगे बढ़ गया और तभी मुझे "सुरभि गौसेवक संस्था" का नाम याद आया जिसके बारे में मैंने अपने दोस्त अखिलेश से सुना था | बस मैंने तुरन्त उसे फोन करके संस्था के स्वयंसेवक का मो.नं. प्राप्त किया और उन्हें सारी जानकारी दी | कुछ देर बाद वे लोग आए और उस गौवंश की अच्छी तरह से मरहम पट्टी कर दी | इस कार्य में मैंने तथा राहगीरों ने भी उनकी सहायता की |
Number of participants
3
Service hours
3
Location
India
Topics
Personal safety
Legacy BWF
Communications and Scouting Profile

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